B.Ed 1 Year Course: शिक्षक बनना आज भी देश के युवाओं का एक सम्मानजनक और सुरक्षित करियर सपना माना जाता है। लेकिन पिछले कई वर्षों से 2 वर्षीय B.Ed कोर्स की वजह से समय और खर्च दोनों ज्यादा हो गए थे, जिससे कई योग्य उम्मीदवार इस क्षेत्र से दूर रह गए। अब 2026 में एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) ने नई शिक्षा नीति 2020 के तहत फिर से 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को शुरू करने की अनुमति दे दी है।
करीब 10 साल बाद इस कोर्स की वापसी ने लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण जगा दी है। सबसे खास बात यह है कि अब मात्र एक साल में शिक्षक बनने की योग्यता हासिल की जा सकती है और फीस भी बेहद किफायती रखी गई है। जिन छात्रों के पास समय और पैसों की कमी थी, उनके लिए यह फैसला किसी वरदान से कम नहीं है। आइए जानते हैं 1 वर्षीय B.Ed कोर्स से जुड़ी पूरी जानकारी आसान भाषा में।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स की वापसी क्यों है खास
नई शिक्षा नीति 2020 का मकसद शिक्षा को ज्यादा व्यावहारिक, लचीला और रोजगार से जोड़ना है। इसी सोच के तहत 1 वर्षीय B.Ed कोर्स को दोबारा लागू किया गया है। पहले जब यह कोर्स बंद हुआ था, तब शिक्षकों की कमी धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी। अब सरकार और NCTE चाहते हैं कि कम समय में ज्यादा प्रशिक्षित शिक्षक तैयार हों, ताकि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधरे।
इस कोर्स से
- शिक्षक प्रशिक्षण का समय कम होगा
- युवाओं को जल्दी नौकरी मिलेगी
- स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होगी
- शिक्षा व्यवस्था ज्यादा मजबूत बनेगी
1 वर्षीय B.Ed कोर्स 2026 – पात्रता क्या होगी
इस कोर्स में दाखिले के लिए पात्रता शर्तें ज्यादा कठिन नहीं रखी गई हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र आवेदन कर सकें।
- चार वर्षीय स्नातक डिग्री (BA, BSc, BCom आदि) या पोस्ट ग्रेजुएशन
- सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50% अंक
- SC / ST / OBC वर्ग के लिए 45% अंक
- किसी प्रकार की आयु सीमा नहीं
इसका मतलब यह है कि नौकरी करने वाले युवा या ज्यादा उम्र के अभ्यर्थी भी इस कोर्स का लाभ उठा सकते हैं।
1 वर्षीय B.Ed कोर्स की फीस – बेहद किफायती
इस कोर्स की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम फीस है, जो पहले के मुकाबले काफी कम रखी गई है।
| संस्थान का प्रकार | अनुमानित फीस |
|---|---|
| सरकारी कॉलेज | ₹20,000 – ₹25,000 |
| निजी कॉलेज | ₹25,000 – ₹30,000 |
कई राज्यों में छात्रवृत्ति और फीस में छूट की योजनाएं भी लागू हो सकती हैं, जिससे आर्थिक बोझ और कम हो जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया – ऐसे करें 1 वर्षीय B.Ed में एडमिशन
1 वर्षीय B.Ed कोर्स में आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह आसान और ज्यादातर ऑनलाइन है।
- NCTE से मान्यता प्राप्त कॉलेज की वेबसाइट पर जाएं
- ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें
- जरूरी दस्तावेज अपलोड करें
- आवेदन शुल्क जमा करें
- मेरिट लिस्ट या प्रवेश परीक्षा का इंतजार करें
कुछ कॉलेज प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला देते हैं, जबकि कई संस्थान मेरिट के आधार पर चयन करते हैं।
1 वर्षीय B.Ed का पाठ्यक्रम और ट्रेनिंग सिस्टम
यह कोर्स केवल थ्योरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर खास जोर दिया गया है।
- शिक्षा का सिद्धांत और उद्देश्य
- बाल विकास और मनोविज्ञान
- आधुनिक शिक्षण तकनीक और डिजिटल टूल्स
- स्कूल इंटर्नशिप (3 से 6 महीने)
- मूल्यांकन और कक्षा प्रबंधन
इससे छात्र सीधे स्कूल के माहौल में पढ़ाने का अनुभव हासिल करते हैं।
1 वर्षीय B.Ed करने के बाद करियर विकल्प
B.Ed पूरा करने के बाद नौकरी के कई रास्ते खुल जाते हैं।
- CTET / TET पास कर सरकारी शिक्षक
- निजी स्कूलों में शिक्षक
- कोचिंग सेंटर और ऑनलाइन टीचिंग
- आगे चलकर M.Ed या PhD
- शिक्षा प्रशासन और मैनेजमेंट
शुरुआती सैलरी आमतौर पर ₹30,000 से शुरू होकर अनुभव के साथ बढ़ती है।
अभी 1 वर्षीय B.Ed करना क्यों है सही फैसला
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में शिक्षकों की मांग और बढ़ेगी। ऐसे में कम समय और कम खर्च में B.Ed करना एक समझदारी भरा निर्णय हो सकता है। अगर आप भी शिक्षक बनकर समाज और देश के निर्माण में योगदान देना चाहते हैं, तो 1 वर्षीय B.Ed कोर्स 2026 आपके लिए बेहतरीन अवसर है।
नोट: आवेदन से पहले हमेशा NCTE की आधिकारिक मान्यता जरूर जांच लें, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो।