8th Pay Commission Hike 2026: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हो रही हैं। महंगाई बढ़ने और जीवन-यापन की लागत में लगातार इजाफा होने के कारण कर्मचारी लंबे समय से नई वेतन संरचना की मांग कर रहे हैं। अगर 8th Pay Commission लागू होता है तो लाखों कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्तों और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
खास बात यह है कि फिटमेंट फैक्टर को 2.5 से 3.0 के बीच रखने की चर्चा चल रही है, जिससे कुल सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी और आधिकारिक सिफारिशों पर ही निर्भर करेगा। फिर भी संभावित बदलावों को लेकर कर्मचारियों में उत्साह बना हुआ है, क्योंकि इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर का क्या मतलब है
फिटमेंट फैक्टर वह आधार होता है जिसके जरिए मौजूदा बेसिक सैलरी को नई वेतन संरचना में बदला जाता है। आसान भाषा में समझें तो जितना ज्यादा फिटमेंट फैक्टर होगा, उतनी ही ज्यादा बेसिक सैलरी बढ़ेगी। अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹18,000 है और फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय किया जाता है,
तो नई बेसिक सैलरी लगभग ₹51,000 के आसपास पहुंच सकती है। इसी नई बेसिक पर महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्ते जोड़े जाते हैं। इसलिए कुल सैलरी में 40% से 50% तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
संभावित नई सैलरी स्ट्रक्चर का अनुमान
नीचे दी गई टेबल केवल संभावित अनुमान के आधार पर तैयार की गई है, जिससे आप समझ सकते हैं कि फिटमेंट फैक्टर बढ़ने पर सैलरी में कितना फर्क पड़ सकता है।
| मौजूदा बेसिक सैलरी | संभावित फिटमेंट फैक्टर | नई अनुमानित बेसिक सैलरी | कुल मासिक सैलरी (अनुमान) |
|---|---|---|---|
| ₹18,000 | 2.86 | ₹50,000+ | ₹65,000 तक |
| ₹25,000 | 2.86 | ₹71,000+ | ₹90,000 तक |
| ₹50,000 | 2.86 | ₹1,40,000+ | ₹1.7 लाख तक |
ध्यान रहे कि यह केवल अनुमानित आंकड़े हैं, असली सैलरी सरकार की अंतिम घोषणा पर निर्भर करेगी।
ग्रॉस सैलरी और इन-हैंड सैलरी में कितना फर्क पड़ेगा
8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केवल बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि ग्रॉस सैलरी और इन-हैंड सैलरी में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ग्रॉस सैलरी में सभी भत्ते शामिल होते हैं, जबकि इन-हैंड सैलरी टैक्स और अन्य कटौतियों के बाद मिलने वाली राशि होती है।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की वर्तमान कुल सैलरी ₹50,000 है तो नई व्यवस्था में यह बढ़कर ₹70,000 से ₹75,000 तक पहुंच सकती है। कटौतियों के बाद हाथ में आने वाली रकम में भी लगभग ₹15,000 से ₹20,000 तक का इजाफा संभव माना जा रहा है।
किन कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा फायदा
8वें वेतन आयोग का लाभ सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी फायदा मिल सकता है। पेंशन आमतौर पर आखिरी बेसिक सैलरी के आधार पर तय होती है, इसलिए बेसिक बढ़ने पर पेंशन में भी बढ़ोतरी की संभावना रहती है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि कुछ मामलों में पेंशन में ₹8,000 से ₹10,000 तक का इजाफा देखने को मिल सकता है। इससे रिटायर्ड कर्मचारियों को महंगाई के दौर में आर्थिक राहत मिल सकती है।
क्या अभी लागू हो गया है 8वां वेतन आयोग
फिलहाल 8वें वेतन आयोग को लेकर आधिकारिक घोषणा या लागू होने की अंतिम तारीख सामने नहीं आई है। यह सभी आंकड़े संभावित चर्चाओं और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि किसी भी जानकारी को अंतिम मानने से पहले सरकारी नोटिफिकेशन का इंतजार करें। जैसे ही सरकार की ओर से स्पष्ट फैसला आएगा, सैलरी स्ट्रक्चर और भत्तों की पूरी तस्वीर सामने आ जाएगी।